संजय दत्त की बेटी त्रिशाला ने कहा – मुझे नहीं मालूम पैरेंट्स के बिना कैसा लगता है, क्योंकि मैं तो उनके साथ कभी रही ही नहीं

मुंबई.संजय दत्त की बेटी त्रिशाला ने दिल को छू लेने वाली बात कही है। त्रिशाला बचपन से ही अपनी नाना-नानी के साथ रह रही हैं। जब उनसे पूछा गया कि पैरेंट्स से अलग रहने में कैसा लगता है तो उन्होंने कहा – इसका अहसास मुझे नहीं है क्योंकि मैं कभी उनके साथ रही ही नहीं। 30 साल की त्रिशाला ने इंस्टाग्राम पर अपने डैड संजय दत्त के साथ रिलेशनशिप के बारे में बात की है। बता दें कि संजय दत्त की जिन्दगी पर बनी फिल्म संजू से भी त्रिशाला गायब हैं। कोई ताज्जुब नहीं कि त्रिशाला ने अब तक इस फिल्म पर कोई प्रतिक्रिया नहीं दी है। फिल्म में त्रिशाला की मां और संजय की पहली पत्नी ऋचा शर्मा का भी जिक्र नहीं है। ‘मेरा एटीट्यूड और टेम्पर मेरे डैड जैसा

– एक फॉलोअर ने इंस्टाग्राम पर त्रिशाला से पूछा- डैड संजय दत्त के साथ उनके कैसे रिलेशन है? त्रिशाला ने कहा- डैड के साथ उनके नॉर्मल रिलेशन हैं। जैसे अन्य लोगों के रिलेशन अपने पिता के साथ होते हैं। जब मैं उनके साथ होती हूं तो वैसा ही फील करती हूं जैसा बाकी लोग फील करते हैं।

– एक ने पूछा पेरेंट्स के बिना रहना कैसा लगता है? त्रिशाला ने कहा- ठीक है। मैं कभी उनके साथ रही नहीं। इसलिए उनके बिना रहने में कैसा फील होता है, नहीं बता सकती।

– वो किसकी तरह है पिता या मां, के सवाल के जवाब में त्रिशाला ने कहा- मेरा एटीट्यूड और टेम्पर डैड जैसा ही है। वहीं, जेंटलनेस और लविंग साइड मॉम के जैसा है। मेरा स्टाइल दोनों की तरह है।

फैशन वर्ल्ड में आजमा रही हैं किस्मत
संजय दत्त और उनकी पहली पत्नी ऋचा शर्मा की बेटी त्रिशाला फिलहाल फैशन इंडस्ट्री में अपनी किस्मत आजमा रही हैं। 2014 में उन्होंने अपनी पहली ड्रीम ट्रेसेज हेयर एक्सटेंशन लाइन शुरू की थी। वे न्यूयॉर्क के जॉन जे कॉलेज ऑफ क्रिमिनल जस्टिस से लॉ में ग्रैजुएशन भी कर चुकी हैं। बता दें कि संजय दत्त और रिचा शर्मा ने 1987 में शादी की थी। त्रिशाला का जन्म 1988 में हुआ था। रिचा को ब्रेन ट्यूमर था, जिसकी वजह से 10 दिसंबर, 1996 को उनकी मौत हो गई थी। मां की मौत के बाद से ही त्रिशाला न्यूयॉर्क में अपनी मौसी एना के साथ रहती हैं।

संजय नहीं चाहते थे त्रिशाला फिल्मों में आए
संजय दत्त ने एक इंटरव्यू में बताया था कि वो नहीं चाहते थे कि त्रिशाला कभी फिल्मों में आए। इसकी वजह ये कि वे चाहते थे कि त्रिशाला अच्छे स्कूल और कॉलेज में पढ़े और अपना करियर किसी दूसरी फील्ड में बनाएं। इसके के लिए उन्होंने भी काफी मेहनत की है। संजय का कहना है कि फिल्मों में आने के लिए इंडस्ट्री की भाषा आनी चाहिए, ये ग्लैमर की दुनिया है, लेकिन यहां पर काम करना आसान नहीं है।

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